Haindavam Logo - Lord Ganesha
Haindavam
📍
Font Size:

गणपति तालम्

विकटोत्कटसुंदरदंतिमुखं भुजगेंद्रसुसर्पगदाभरणम् । गजनीलगजेंद्र गणाधिपतिं प्रणतोऽस्मि विनायक हस्तिमुखम् ॥ 1 ॥ सुर सुर गणपति सुंदरकेशं ऋषि ऋषि गणपति यज्ञसमानम् । भव भव गणपति पद्मशरीरं जय जय गणपति दिव्यनमस्ते ॥ 2 ॥ गजमुखवक्त्रं गिरिजापुत्रं गणगुणमित्रं गणपतिमीशप्रियम् ॥ 3 ॥ करधृतपरशुं कंकणपाणिं कबलितपद्मरुचिम् । सुरपतिवंद्यं सुंदरनृत्तं सुरचितमणिमकुटम् ॥ 4 ॥ प्रणमत देवं प्रकटित तालं षड्गिरि तालमिदम् । तत्तत् षड्गिरि तालमिदं तत्तत् षड्गिरि तालमिदम् ॥ 5 ॥ लंबोदरवर कुंजासुरकृत कुंकुमवर्णधरम् । श्वेतसशृंगं मोदकहस्तं प्रीतिसपनसफलम् ॥ 6 ॥ नयनत्रयवर नागविभूषित नानागणपतिदं तत्तत् नयनत्रयवर नागविभूषित नानागणपतिदं तत्तत् नानागणपति तं तत्तत् नानागणपतिदम् ॥ 7 ॥ धवलित जलधरधवलित चंद्रं फणिमणिकिरणविभूषित खड्गम् । तनुतनुविषहर शूलकपालं हर हर शिव शिव गणपतिमभयम् ॥ 8 ॥ कटतट विगलितमदजल जलधित- गणपतिवाद्यमिदं कटतट विगलितमदजल जलधित- गणपतिवाद्यमिदं तत्तत् गणपतिवाद्यमिदं तत्तत् गणपतिवाद्यमिदम् ॥ 9 ॥ तत्तदिं नं तरिकु तरिजणकु कुकु तद्दि कुकु तकिट डिंडिंगु डिगुण कुकु तद्दि तत्त झं झं तरित त झं झं तरित तकत झं झं तरित त झं झं तरित तरिदणत दणजणुत जणुदिमित किटतक तरिकिटतों तकिट किटतक तरिकिटतों तकिट किटतक तरिकिटतों ताम् ॥ 10 ॥ तकतकिट तकतकिट तकतकिट तत्तों शशिकलित शशिकलित मौलिनं शूलिनम् । तकतकिट तकतकिट तकतकिट तत्तों विमलशुभकमलजलपादुकं पाणिनम् । धित्तकिट धित्तकिट धित्तकिट तत्तों प्रमथगणगुणकथितशोभनं शोभितम् । धित्तकिट धित्तकिट धित्तकिट तत्तों पृथुलभुजसरसिज विषाणकं पोषणम् । तकतकिट तकतकिट तकतकिट तत्तों पनसफलकदलिफलमोदनं मोदकम् । धित्तकिट धित्तकिट धित्तकिट तत्तों प्रणतगुरु शिवतनय गणपति तालनम् । गणपति तालनं गणपति तालनम् ॥ 11 ॥

Recite with devotion and pure heart

Regular practice brings spiritual benefits