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दुर्गा अष्टोत्तर शत नामावलिः

ओं दुर्गायै नमः
ओं शिवायै नमः
ओं महालक्ष्म्यै नमः
ओं महागौर्यै नमः
ओं चण्डिकायै नमः
ओं सर्वज्ञायै नमः
ओं सर्वालोकेशायै नमः
ओं सर्वकर्मफलप्रदायै नमः
ओं सर्वतीर्धमय्यै नमः
ओं पुण्यायै नमः ।10।
ओं देवयोनये नमः
ओं अयोनिजायै नमः
ओं भूमिजायै नमः
ओं निर्गुणायै नमः
ओं आधारशक्त्यै नमः
ओं अनीश्वर्यै नमः
ओं निर्गुणायै नमः
ओं निरहङ्कारायै नमः
ओं सर्वगर्व विमर्दिन्यै नमः
ओं सर्वलोकप्रियायै नमः ।20।
ओं वाण्यै नमः
ओं सर्वविद्याधि देवतायै नमः
ओं पार्वत्यै नमः
ओं देवमात्रे नमः
ओं वनीशायै नमः
ओं विन्ध्यवासिन्यै नमः
ओं तेजोवत्यै नमः
ओं महामात्रे नमः
ओं कोटिसूर्य समप्रभायै नमः
ओं देवतायै नमः ।30।
ओं वह्निरूपायै नमः
ओं सतेजसे नमः
ओं वर्णरूपिण्यै नमः
ओं गुणाश्रयायै नमः
ओं गुणमध्यायै नमः
ओं गुणत्रय विवर्जितायै नमः
ओं कर्मज्ञानप्रदायै नमः
ओं कान्तायै नमः
ओं सर्वसंहार कारिण्यै नमः
ओं धर्मज्ञानायै नमः ।40।
ओं धर्मनिष्ठायै नमः
ओं सर्वकर्म विवर्जितायै नमः
ओं कामाक्ष्यै नमः
ओं कामसंहर्त्र्यै नमः
ओं कामक्रोध विवर्जितायै नमः
ओं शाङ्कर्यै नमः
ओं शाम्भव्यै नमः
ओं शान्तायै नमः
ओं चन्द्रसुर्याग्नि लोचनायै नमः
ओं सुजयायै नमः ।50।
ओं जयभूमिष्ठायै नमः
ओं जाह्नव्यै नमः
ओं जनपूजितायै नमः
ओं शास्त्र्यै नमः
ओं शास्त्रमय्यै नमः
ओं नित्यायै नमः
ओं शुभायै नमः
ओं चन्द्रार्धमस्तकायै नमः
ओं भारत्यै नमः
ओं भ्रामर्यै नमः ।60।
ओं कल्पायै नमः
ओं कराल्यै नमः
ओं कृष्ण पिङ्गलायै नमः
ओं ब्राह्म्यै नमः
ओं नारायण्यै नमः
ओं रौद्र्यै नमः
ओं चन्द्रामृत परिस्रुतायै नमः
ओं ज्येष्ठायै नमः
ओं इन्दिरायै नमः
ओं महामायायै नमः ।70।
ओं जगत्सृष्ट्यधिकारिण्यै नमः
ओं ब्रह्माण्डकोटि संस्थानायै नमः
ओं कामिन्यै नमः
ओं कमलालयायै नमः
ओं कात्यायन्यै नमः
ओं कलातीतायै नमः
ओं कालसंहारकारिण्यै नमः
ओं योगनिष्ठायै नमः
ओं योगिगम्यायै नमः
ओं योगिध्येयायै नमः ।80।
ओं तपस्विन्यै नमः
ओं ज्ञानरूपायै नमः
ओं निराकारायै नमः
ओं भक्ताभीष्ट फलप्रदायै नमः
ओं भूतात्मिकायै नमः
ओं भूतमात्रे नमः
ओं भूतेश्यै नमः
ओं भूतधारिण्यै नमः
ओं स्वधायै नमः
ओं नारी मध्यगतायै नमः ।90।
ओं षडाधाराधि वर्धिन्यै नमः
ओं मोहितांशुभवायै नमः
ओं शुभ्रायै नमः
ओं सूक्ष्मायै नमः
ओं मात्रायै नमः
ओं निरालसायै नमः
ओं निम्नगायै नमः
ओं नीलसङ्काशायै नमः
ओं नित्यानन्दायै नमः
ओं हरायै नमः ।100।
ओं परायै नमः
ओं सर्वज्ञानप्रदायै नमः
ओं अनन्तायै नमः
ओं सत्यायै नमः
ओं दुर्लभरूपिण्यै नमः
ओं सरस्वत्यै नमः
ओं सर्वगतायै नमः
ओं सर्वाभीष्टप्रदायिन्यै नमः ।108।

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